कालाढूंगी विधानसभा से भाजपा नेता मनोज पाठक ने दावेदारी से बढ़ाई सियासी हलचल।

 

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कालाढूंगी विधानसभा से भाजपा नेता मनोज पाठक ने दावेदारी से बढ़ाई सियासी हलचल।

स्थानीय ब्यूरो / डिजिटल डेस्क: कालाढूंगी विधानसभा से भाजपा नेता मनोज पाठक ने दावेदारी से बढ़ाई सियासी हलचल। को लेकर इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूरे मामले को लेकर संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

 

मुख्य बिंदु एवं ताजा अपडेट्स:

  • मामले की सूचना मिलते ही मौके पर राहत व निगरानी टीम तैनात कर दी गई है।
  • स्थानीय नागरिकों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
  • वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का मुआयना कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही जानकारी साझा करें। मामले से जुड़े प्रत्येक नए घटनाक्रम पर हमारी नजर बनी हुई है।

 

रिपोर्टर, मजहिर खान

कालाढूंगी / हल्द्वानी। कालाढूंगी- सूबे की हॉट सीटों में शामिल कालाढूंगी विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मनोज पाठक की सशक्त दावेदारी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। दशकों से संगठन और समाज सेवा से जुड़े मनोज पाठक ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के समक्ष अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। बेदाग छवि, सादगी और जमीनी पकड़ के चलते उन्हें कार्यकर्ताओं और आम जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है।

​ भाजपा नेता मनोज पाठक का राजनीतिक सफर पद की लालसा से नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज निर्माण के संकल्प से शुरू हुआ। वर्ष 1996 में उन्होंने ‘श्री राम जन्मभूमि आंदोलन’ और ‘उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन’ में सक्रिय भूमिका निभाई। 1998 में भाजपा मंडल उपाध्यक्ष के रूप में सांगठनिक यात्रा शुरू करने वाले मनोज पाठक ने नैनीताल के जिला मंत्री, जिला महामंत्री और युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष जैसे कई अहम पदों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया।इसके साथ ही, उन्होंने प्रदेश उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य (मध्य प्रदेश व जम्मू-कश्मीर के प्रभारी), प्रदेश प्रशिक्षण प्रमुख और प्रांत विस्तारक संयोजक जैसे उच्च पदों पर रहकर संगठन को मजबूती प्रदान की। गुजरात, लद्दाख और पश्चिम बंगाल में भी उन्होंने पार्टी के सांगठनिक कार्यों में अपना योगदान दिया।

वही ​राजनीति से इतर मनोज पाठक समाज सेवा के क्षेत्र में भी लगातार सक्रिय हैं। युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्होंने बिठौरिया, कोटाबाग और छड़ैल में तीन आधुनिक पुस्तकालयों (लाइब्रेरी) का संचालन शुरू किया है। “स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है” के ध्येय वाक्य के साथ वे क्षेत्र में निःशुल्क योग कक्षाएं चला रहे हैं।

​इसके अलावा, दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान शिविर और वरिष्ठ नागरिकों के लिए आंख के ऑपरेशन जैसी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य लगातार जारी है। समाज के अनाम नायकों को पहचान दिलाने के लिए उनके द्वारा चलाए जा रहे ‘गांव के गौरव’ और ‘नगर के नायक’ अभियान की हर तरफ सराहना हो रही है।

​ उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान मनोज पाठक ने बताया कि संगठन के वरिष्ठ नेताओं और मदन कौशिक जी के साथ चर्चा के दौरान उन्होंने उचित मंच पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि मैंने दशकों तक एक सच्चे कार्यकर्ता के रूप में पार्टी और जनता की सेवा की है। चुनाव लड़ना मेरे लिए कोई व्यक्तिगत विषय नहीं है, बल्कि विधानसभा में पहुंचकर नीति नियंताओं के बीच प्रदेश और क्षेत्र के चौतरफा विकास में अधिक योगदान देना ही मुख्य उद्देश्य है।​स्थानीय जनता और कार्यकर्ताओं के बीच मनोज पाठक की गहरी पैठ को देखते हुए उन्हें 2027 के विधानसभा चुनावों में कालाढूंगी सीट से भाजपा के सबसे मजबूत दावेदारों में से एक माना जा रहा है।

उन्होंने वर्तमान बंशीधर भगत और कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा की पत्नी कमलेश कैडा की दावेदारी पर चुटकी लेते हुए कहा कि दावेदारी करना सभी का हक है उन्होंने कहा कि अब संगठन को तय करना होगा वह जिसको उम्मीदवार बनता है।

 

 

बाईट, मनोज पाठक भाजपा नेता।