पंतनगर विवि के कुलपति की नियुक्ति को लेकर उठे सवाल: चयन प्रक्रिया निरस्त कर नए सिरे से नियुक्ति की मांग।

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रिपोर्टर मजहिर खान

​हल्द्वानी । उत्तराखंड एकता मंच के संगठन प्रभारी डॉ. विक्रम सिंह माहोरा ने हल्द्वानी नगर निगम सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय पंतनगर के कुलपति की नियुक्ति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुलपति के चयन के लिए अपनाई गई पूरी प्रक्रिया में यूजीसी (UGC) के नियमों की खुली अवहेलना की गई है, जिसके चलते यह नियुक्ति प्रारंभ से ही अवैध और अमान्य है।

उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल 2026 को डॉ. शिवेंद्र कुमार कश्यप को पंतनगर विश्वविद्यालय का कुलपति बनाया गया था। उनके चयन के लिए गठित तीन सदस्यीय सर्च कमेटी पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि इसमें यूजीसी विनियम (2018) के नियम 7.3 (II) का खुला उल्लंघन किया गया है। नियमों के अनुसार कुलपति पद के लिए चयनित व्यक्ति उच्चतर शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिष्ठित होने के साथ-साथ देश और विदेश में उच्चतर शिक्षा प्रणाली व प्रशासनिक अभिशासन का पर्याप्त अनुभव रखने वाला होना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुलपति के चयन पैनल में डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी इंदु कुमार पांडे एवं सुभाष कुमार शामिल थे। इस पैनल में यूजीसी/आईसीएआर द्वारा नामित कोई भी व्यक्ति शामिल नहीं था, जो कि नियमों के विपरीत है।

उन्होंने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय के 66 वर्षों के इतिहास में यह पहला मौका है जब कुलपति की नियुक्ति को लेकर माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल में दो वाद विचाराधीन हैं। साथ ही, डॉ. शिवेंद्र कुमार कश्यप पर कार्यकाल के दौरान वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगने और प्रबंधन बोर्ड की बैठकों में पक्षपात किए जाने के भी आरोप लगाए गए।

​उत्तराखंड एकता मंच ने सरकार से मांग की है कि इस त्रुटिपूर्ण चयन प्रक्रिया को तत्काल रद्द किया जाए और यूजीसी के नियमों के अनुरूप नए सिरे से सुयोग्य व्यक्ति को कुलपति नियुक्त किया जाए। इस दौरान कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता संजय राठौर, सेवानिवृत्त कैप्टन मानसिंह, प्रयाग जीना, दिनेश कर्नाटक, जमुना दत्त व अभिषेक आदि मौजूद रहे।